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शुक्रवार, 23 सितंबर 2022

बघेली साहित्य bagheli sahitya हेमराज हंस : अपना के तेल मा

बघेली साहित्य bagheli sahitya हेमराज हंस : अपना के तेल मा:  अपना के तेल मा खरी अस जनाथी। या सम्बेदना मसखरी अस जनाथी।। जे डबल रोटी   का  कलेबा करा थें उनही अगाकर जरी अस जना थी। ।

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मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर