मनो रोग के बैद से, कर बाई उपचार ।
उमिर भै अस्सी पार तउ, रोगी हमैं बिचार।।
कर बाई उपचार, दृष्टि मा दोख है दददा।
चीकन चांदन राह, लगै अपना का खडडा।।
बलिहारी या समय का कइसा हबय कुजोग।
जे हमार सम्माननीय ,ग्रस्त हें मन के रोग। ।
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