बघेली साहित्य -का संग्रह हास्य व्यंग कविता गीत ग़ज़ल दोहा मुक्तक छंद कुंडलिया
जब देखा तब अंधलोचन लगा रहा थै।
उनखे गाड़ी मा टोचन लगा रहा थै।।