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शनिवार, 5 दिसंबर 2015

देत्या दोख अहीर का। .. HEMRAJ HANS

अबहूँ नही नसान कुछू कइ ल्या पता कबीर का। 
वध घर का लाइसेन्स बनाउत्या देत्या दोख अहीर का। .. 
हेमराज हंस

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर