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शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026

मेरी पसंद

मेरी पसंद 

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रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार। 

पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार। 

महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर 

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मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर