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बुधवार, 29 मई 2024

टोचन लगा रहा थै।।

 जब देखा तब  अंधलोचन  लगा  रहा थै। 

उनखे  गाड़ी   मा  टोचन   लगा  रहा  थै।। 


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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर