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शनिवार, 5 जुलाई 2025

कीर्ति बिटिया माँ बनी


 कीर्ति बिटिया माँ बनी, हरी भरी हुई गोद। 

परिजन हैं उल्लास में, सबके मन में मोद।। 


आशा दसमी शुभ तिथि, सुदी का स्वाति नक्षत्र। 

 दो हज्जार  बायसी, का सम्बत पावस सत्र।। 


नाती आयुष्मान भव , रहे ख़ुशी आह्लाद । 

सबकी है शुभकामना सबका आशीर्वाद।।  


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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर