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गुरुवार, 27 अप्रैल 2023

गदहा का कहिहैं बाप। आसव चुनाव है।

मुलुर मुलुर बस देखा आप। आसव चुनाव है। 
देखा बनत  धजी का सांप।। आसव चुनाव है।
जे  किहे  नमस्ते   तक मा  कबहूं  नहीं  नेहरैं   
गदहा  का  कहिहैं   बाप।।   आसव  चुनाव है।
     हेमराज हंस===== 9575287490 



 

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मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर