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मंगलवार, 4 अप्रैल 2023

शाकाहारी सुआ के साथ रहय न बाज -- बघेली के 4 दोहे ---महबूबा तक बन गयीं मह...

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर