यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026

मेरी पसंद

मेरी पसंद 

--------------

रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार। 

पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार। 

महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर 

मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

सरग से नीक मोरे देस कै य धरती ही,

             छन्द 

सरग से नीक मोरे देस कै य धरती ही,

जिव से है अधिक पियार बंदेमातरं।

ताजमहल  से ही स्‍वारा आना सुंदर य,

आपन माटी देश कै सिंगार बंदेमातरं॥

बहै नदी कलकल पानी करै छलछल,

टेराथें पहार औ कछार बंदेमातरं।।

जहां बीर बलिदानी भारत का बचामै पानी,

बलिदान  होइगें  पुकार बंदेमातरं॥

                 दोहा 

बंदेमातरम मा  भरा, देस  राग  का  कोस।

आंखर आंखर मा हबै, देसभक्ति का जोस।। 

 

उनही सौ सौ नमन जे किन्हिन जीबन हूम। 

बंदेमातरम   बोल   के,  गें फांसी  मा झूम।।  

 

बन्देमातरम गाइ  के, देस लिहिस एक मोड़।

भिन्न भिन्न मत का दिहिस, एक मन्त्र मा जोड़।।   


आबा सब जन पुन करी, नेम प्रेम कै बात। 

भारत के दुसमन हमैं, नफरत के उत्पात ।। 

हेमराज हंस - भेंड़ा मैहर 

सम्पर्क - 9575287490 

जहाँ बघेली आय के, होइगै अगम दहार।

जहाँ बघेली आय के, होइगै अगम दहार। 

काकू जी के बोल का,नमन है बारम्बार।। 


शम्भू काकू ता अहीं, रिमहाई के सिंध। 

देह धरे गाबत रहा,मानो कबिता बिंध।। 


गाँउ गली चउपाल तक, जेखर बानी गूँज। 

काकू जी ता भें अमर,ग्राम गिरा का पूज।।


लिहे घोटनी चलि परैं,जब कबिता के  संत। 

कविजन काकू का कहैं, रिमही केर महंत।।


जेखे कबिता के बिषय, आँसू आह कराह।  

अच्छर फरयादी बने, काकू खुदइ गबाह।।


आखर आखर मा बसय,काकू कै कहनूत। 

हंस  बंदना  कइ  रहा, धन्न   बघेली  पूत।। 

हेमराज हंस  भेड़ा 

सोमवार, 9 फ़रवरी 2026

KAVI SAMMELAN -BAKIYA REWA 09.02.2026




रामपुर बाघेलान  के ग्राम  बकिया तिवारियांन के पावन धाम  श्री राधाकृष्ण प्रणामी मंदिर समिति द्वारा आयोजित विराट कवि सम्मेलन में  वाणी पवित्र  करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।  कविवर श्री SP तिवारी जी बकिया  के संयोजन , डॉ राम सरोज शान्तिदूत जी रीवा के सञ्चालन में कविवर श्री मैथिलीशरण शुक्ल मैथिली सीधी  ,श्री भृगुनाथ पाण्डेय भ्रमर रामपुर नैकिन  , श्री सुधाकान्त मिश्र बेलाला जी चाकघाट  , डॉ अरुणा पाठक आभा जी रीवा , हेमराज हंस भेड़ा  मैहर ने काव्यपाठ किया। 
धन्यवाद आभार  बकिया 


 

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026

मंजू परिणय भास्कर 4 .2 .2026

जगत जननी माँ शारदा की असीम कृपा से हमारी भतीजी पद्मा (मंजू }सुपुत्री रामराज उरमलिया निवासी भेंड़ा मैहर का मङ्गल परिणय भास्कर तिवारी चिरंजीव श्रीयुत शारदा तिवारी जू निवासी अमिलिया कला मैहर के साथ फाल्गुन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि (बुधवार)विक्रम संवत 2082 4 फरवरी 2026, संपन्न हुआ। परिजन पुरजन इष्ट मित्रवर गणमान्य जनों का आत्मिय आभार





गुरुवार, 22 जनवरी 2026

SATNA --22.01.2026




 

MAHA KAVI SAMMELAN SATNA 22.01.2026


मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद मध्य प्रदेश शासन द्वारा सतना में एक दिवसीय बघेली साहित्य संगम का भव्य आयोजन किया गया।अकादमी के निदेशक माननीय श्री विकास दवे जी के मार्गदर्शन एवं श्री राकेश सिंह,श्री चंद्रकांत तिवारी,डाॅ. रामानुज पाठक एवं श्री अनिल अयान के संयोजन में बघेली भाषा एवं साहित्य के विविध पक्षों पर व्यापक विमर्श किया गया,जिसमें बघेली बोली के संरक्षण एवं उन्नति हेतु अनेक सुझाव भी वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए। जिसमें विशेष रूप से बघेली में गद्य साहित्य की विभिन्न विधाओं में लेखन की आवश्यकता एवं घर परिवार में बघेली बोली में संवाद को प्रमुखता से उठाया गया। बघेली साहित्य संगम में अनेक वक्ताओं ने अपनी विचार रखे,जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र,श्री जयराम शुक्ल,डॉ राम गरीब पाण्डेय विकल, श्री सत्येंद्र सिंह सेंगर,डॉ.रामसरोज द्विवेदी शांतिदूत,श्री विभू सूरी, डाॅ.रंजना मिश्रा,श्री कनिष्क तिवारी,श्री भृगुनाथ पाण्डेय भ्रमर,डॉ. राजकुमार शर्मा राज 
 

मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर