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बुधवार, 12 अक्टूबर 2022

बघेली साहित्य bagheli sahitya हेमराज हंस : आबा बिकास का गड़बा देखाई थे। BAGHELI KAVITA

बघेली साहित्य bagheli sahitya हेमराज हंस : आबा बिकास का गड़बा देखाई थे। BAGHELI KAVITA: आबा   बिकास  का  गड़बा  देखाई  थे।  वमै डबरा योजना का पड़बा दिखाई थे।।    जउन किसानन  कै आमदानी भै दूगुन  ओखे  मड़इया  के  खड़बा  देखाई थे। ।   ...

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मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर