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शनिवार, 9 जनवरी 2016

दसइयां पिछ्ले चुनाव कै अद्धी गिनाउथै। । हेमराज हँस

                  बघेली मुक्तक 
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कोऊ आपन उपलब्धी गिनाउथै। 
कोउ आपन राज गददी गिनाउथै। । 
रटे है वा मुखागर की को को रात के आबा 
दसइयां पिछ्ले चुनाव कै अद्धी गिनाउथै। । 
हेमराज हँस 

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मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर