यह ब्लॉग खोजें

मंगलवार, 5 जनवरी 2016

दोस्ती के नाम पे ग़द्दारी की है। ।

जब जब हमने यारी की है। 
तो  उसने मक्कारी की है। । 
चाहे हो कारगिल य पठानकोट 
दोस्ती के नाम पे ग़द्दारी की है। । 
हेमराज हँस

कोई टिप्पणी नहीं:

LALLA