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शनिवार, 8 अगस्त 2020

जातिवाद ह्याराथें रिमही बघेली

उंइ भस्मासुर मा जातिबाद ह्यारा थें।
राजनीत बोमैं का रेती मा खाद ह्याराथें।। 
बड़े गभुआर हें लोकतंत्र के लुच्चा 
कुलटन के बस्ती मा मरजाद ह्याराथें।। 

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर