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शनिवार, 15 मार्च 2025

जय जय ब्रम्ह कुमार

 जय जय ब्रम्ह कुमार की , जय शिवशंकर ओम। 

जिनखे अर्चन ध्यान से,  दुनिया  शीतल  सोम।।  

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर