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सोमवार, 31 मार्च 2025

हमीं बधाई खुब दिहन






 हमीं बधाई खुब दिहन, बसकट केर अपार। 

अपना केर अभार है, सादर   राम   जोहार।।  

पटल के कबि  बिद्वान का, जथा जोग परनाम। 

राम  ब्रम्ह अच्छर  करैं,  दुनिया मा  जस नाम। । 

हेमराज हंस 

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर