बघेली मुक्तक ------------------------------- कोऊ आपन उपलब्धी गिनाउथै। कोउ आपन राज गददी गिनाउथै। । रटे है वा मुखागर की को को रात के आबा दसइयां पिछ्ले चुनाव कै अद्धी गिनाउथै। । हेमराज हँस
दरबारन मा चर्चा ही कम्पूटर इंटरनेट के। खरिहनन मा मरै किसनमा फन्दा गरे लपेट के। । प्रेमचन्द के होरी का उइं उँगरी धरे बताउथें द्याखा भइलो ताज महल औ चित्र इंडिया गेट के । । हेमराज हंस