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बुधवार, 1 जुलाई 2015

मुक्तक 

चन्दन गंधा थै ता होरसा का कउन दोख है। 
नाली भठी ही ता बरसा का कउन दोख है। । 
जब सहस्त्राबाहु अत्याचार कई रहा है 
तब परसराम के परसा का कउन दोख है। । 
हेमराज हंस -9572587490 

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर