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सोमवार, 29 जून 2015

तुलसी के बगिया मा नकटी कहां से आय गै।

मुक्तक 

तुलसी के बगिया मा नकटी कहां से आय गै। 
यतना पचामै कै शक्ती कहाँ से आय गै  । । 
गोकरन के सभा मा धुंधकारी कै धाक ही 
सत्ता के व्याकरण मा विभक्ति कहाँ से आय गै। । 
हेमराज हंस ----9575287490 

नकटी--एक तरह की झाड़ी 

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर