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शुक्रवार, 19 जून 2015

BAGHELI KAVITA विद्या के मंदिर मा बरती हई लछमी की बाती। कइसन देस या पढ़ी लिखी सरस्वतिव सकुचातीं। । हेमराज हंस

बघेली कविता 

विद्या के मंदिर मा बरती हई लछमी की बाती। 
कइसन देस या पढ़ी लिखी सरस्वतिव सकुचातीं। । 
हेमराज हंस 

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर