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मंगलवार, 20 जनवरी 2015

bagheli_hemraj@hotmail.com


बघेली मुक्तक 

काल्ह सड़क मा लगिगा जाम। 
गऊ माता करती है आराम। । 
लगा थै दूध नही अब देतीं 
ऐरा ढील दइन घनश्याम। । 

                                       
हेमराज त्रिपाठी 

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मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर