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मंगलवार, 13 जनवरी 2015

         दोहा  बघेली 


रहिमन पनही राखिए बिन पनही सब सून।
दिल्ली से है गाँव तक पनही का कानून। ।


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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर