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रविवार, 18 जनवरी 2015

बघेली दोहा

बघेली दोहा 



चाहे हेन ज्याखर रहै सत्ता औ सरकार। 

कउन गडारी गाडरय नही बनाबै बार। । 

हेमराज हंस http;//baghelisahitya.com

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर