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रविवार, 15 मार्च 2015

को अब सुनय गोहर। ।

ऊपर ता दाऊ आय रूठा है 
औ नीचे दरवार। 
धरती पुत्र अन्नदाता कै 
को अब सुनय गोहर। । 

हेमराज http;//baghelisahitya.com

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर