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बुधवार, 25 मार्च 2015

बघेली मुक्तक 

सत्ता कबहू गभुआर नही होय। 
जइसा पूर सत्त अख़बार नही होय। । 
सरमन सब दिन मारे गे हें शब्द 

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SATNA --22.01.2026