यह ब्लॉग खोजें

सोमवार, 23 नवंबर 2015

BAGHELI SAHITYA बघेली साहित्य : दादू भांगर भइला होइ गा।

BAGHELI SAHITYA बघेली साहित्य : दादू भांगर भइला होइ गा।:     दादू भांगर भइला होइ गा।  उज्जर तक मटमइला होइ गा।                                  हम जेही बज्जुर का मान्यन  फाट  के चइला  चइला गा।...

कोई टिप्पणी नहीं:

मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर