यह ब्लॉग खोजें

रविवार, 29 नवंबर 2015

उइ देस के गरीबी का व्यास नापा थें।

उइ देस के गरीबी का व्यास नापा थें। 
भूखी गंडाही कै अकरास नापा थें।
पखना जमे का घमण्ड देख ल्या 
''सम्पाती ''सुरिज का अक्कास नापा थें। । 
हेमराज हंस ====  

कोई टिप्पणी नहीं:

LALLA