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शनिवार, 2 मई 2015

आपन सहज बघेली आय।

बघेली 

आपन सहज बघेली आय। 
गाँव के क्वारा कै खेली आय। । 
विंध्य हबै ज्याखर अहिवात 
ऋषि अगस्त्य कै चेली आय। । 
हेमराज हंस --9575287490 

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर