मुक्तक
बलफ फियुज होइ गा झालर पकड़ के।
उई हालचाल पूंछा थें कालर पकड़ के। ।
सुदामा के चाउर का उई का जानै
जे बचपन से खेलिन हीं डालर पकड़ के। ।
हेमराज हंस - -9575287490
बघेली साहित्य -का संग्रह हास्य व्यंग कविता गीत ग़ज़ल दोहा मुक्तक छंद कुंडलिया
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