मुक्तक
चउआन हेमै ''जगनिक '' के आल्हा।
दंगा मा पकड़ गें सय्यद ताला। ।
अब नम्बर रसखान का है
देस भक्त से पर गा पाला। ।
हेमराज हंस
बघेली साहित्य -का संग्रह हास्य व्यंग कविता गीत ग़ज़ल दोहा मुक्तक छंद कुंडलिया
मेरी पसंद -------------- रात रात भर जाग के कागद रगे हजार। पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार। महाकवि आचार्य भगवत दुबे - जबलपुर
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