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शनिवार, 11 अप्रैल 2015

BAGHELI SAHITYA बघेली साहित्य : उई एकठे ''बोतल ''मा वोट ख़रीदा थे। ।

BAGHELI SAHITYA बघेली साहित्य : उई एकठे ''बोतल ''मा वोट ख़रीदा थे। ।: मुक्तक  भईस अबै बिआन नही उई सोंठ ख़रीदा थे।  लिपिस्टिक लगामै का ओठ ख़रीदा थे। ।  दुनिया के सबसे बड़े लोक तंत्र मा  उई एकठे '&#...

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मेरी पसंद

मेरी पसंद  -------------- रात रात भर जाग के  कागद  रगे हजार।  पर दोहा हम लिख सके मुश्किल से दो चार।  महाकवि आचार्य  भगवत दुबे - जबलपुर